इस विधि से करें महाशिवरात्रि 2024 की पूजा, आपको भी मिल सकता है मनचाहा फल

Mahashivratri
March 6, 2024

महाशिवरात्रि यह पर्व फाल्गुन माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है।एसा माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव सभी शिवलिंग मे विराजमान होते हैं। शिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। महाशिवरात्री के दिन भक्त शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं, शिव जी की पूजा करते हैं और शिव जी के भजन गाते हैं साथ ही ओम नमः शिवाय का जाप करते हैं।

आप यदि महाशिवरात्रि पर भगवान शिव को प्रसन्न करना चाहते हैं या शिवरात्री पर शिव जी की पूजा कैसे करना हैं ये जनना चाहते हैं, या शिवरात्री पर आपके ग्रह नक्षत्र कैसे होंगे या शिवरात्री पर आपके जीवन में क्या खास होगा यह जानना चाहते हो तो आप हमारे डिवाइन टॉक के एस्ट्रोलॉजर से बात कर सकते है या फिर डिवाइन टॉक की साइट पर भी जा सकते हैं।

शिवरात्री पूजा का शुभ मुहूर्त – महाशिवरात्री के दिन भगवान शिव की पूजा का समय शाम के समय 6:25 से 9:28 मिनट तक है।

इस विधि से करें महादेव की पूजा

  • शिवरात्रि के दिन प्रातःकाल उठकर स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करना चाहिए।
  • इसके बाद पीतल का बर्तन लें उसे अच्छे से धोकर उसमे पीली मिट्टी घोले। उसके बाद पीली मिट्टी से घर पर ही शिवलिंग बनाकर उसकी पूजा करे।
  • पूजा की सामग्री तयार करें और विधिवत रूप से शिवलिंग की पूजा करें।
  • महादेव और माता पार्वती की प्रतिमा स्थापित करना चाहिए।
  • इसके बाद शिवलिंग पंचामृत से अभिषेक करें।
  • शिवलिंग पर फूल, बेलपत्र, और बेर चढ़ाए।
  • घी का दिया जलाकर आरती करें और ओम नमः शिवाय का जाप करें।
  • शिवलिंग पर केसर की खीर का भोग लगाएं और उसका प्रसाद लोगों को बाटे।
  • महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. शिवरात्री को कौन-कौन से पूजा सामग्री का उपयोग किया जाता है?

A, शिवरात्री की पूजा से संबंधित 8 प्रमुख प्रश्नों के जवाब निम्नलिखित हैं: शिवरात्री के दिन शिवलिंग की पूजा के लिए बेल पत्र, धूप, दीप, अक्षत, फूल, जल और धातु की कलश आदि का उपयोग किया जाता है।

Q. शिवरात्री के दिन कितनी बार शिवलिंग को जल चढ़ाना चाहिए?

A. शिवरात्री के दिन शिवलिंग को चार या पांच बार जल चढ़ाना चाहिए।

Q. क्या शिवरात्री के दिन नौ ग्रहों की पूजा की जाती है?

A. हां, शिवरात्री के दिन नौ ग्रहों की पूजा की जाती है। इससे नौ ग्रहों की कृपा प्राप्त होती है।

Q. शिवरात्री के दिन कौन-कौन से व्रत का पालन किया जाता है?

A. शिवरात्री के दिन कई लोग विभिन्न व्रत का पालन करते हैं।  कुछ भक्त निर्जला व्रत रखते हैं, और कुछ भक्त फलाहार व्रत का पालन करते हैं। इसके अलावा, कुछ लोग जागरण आयोजित करते हैं, मंदिर में भजन-कीर्तन करते है।

Q. शिवरात्री के दिन कौन-कौन से मंत्रों का जाप किया जाता है?

A. शिवरात्री के दिन कई मंत्रों का जाप किया जाता है। शिव भक्तों द्वारा महामृत्युंजय मंत्र, ओं नमः शिवाय मंत्र, शिव तांडव स्तोत्र और पंचाक्षरी मंत्र (ॐ नमः शिवाय) का जाप किया जाता है। ये मंत्र शिव की पूजा और ध्यान में उच्चारित किए जाते हैं ताकि भक्त उनकी कृपा प्राप्त कर सके। इन मंत्रों का जाप करने से शिवरात्री के दिन आत्मिक शांति और आनंद का अनुभव होता है।

Q. शिवरात्री के दिन किसी विशेष तिथि और समय पर पूजा की जाती है?

A. महाशिवरात्रि यह पर्व फाल्गुन माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है।एसा माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव सभी शिवलिंग मे विराजमान होते हैं। शिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था।

शिवरात्री पूजा का शुभ मुहूर्त – महाशिवरात्री के दिन भगवान शिव की पूजा का समय शाम के समय 6:25 से 9:28 मिनट तक है।

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